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Gulabi Card

शादी कार्ड मैटर

शादी कार्ड मैटर हिंदी में

शादी कार्ड मैटर यानी कार्ड पर छपने वाली पूरी लिखावट: मंगल वचन, वर-वधू और माता-पिता के नाम, तिथि, कार्यक्रम, निमंत्रण की पंक्ति और आख़िर में विनीत, स्वागतोत्सुक जैसे परिवार के नाम। नीचे सही क्रम, हर शब्द का आसान अर्थ और कॉपी करने लायक 15 नमूने हैं। बेटे की शादी, बेटी की शादी और माता-पिता की ओर से पूरे नमूने अलग पेजों पर हैं।

लेखक: Gulabi Card टीम · अपडेट:

कार्ड पर क्या-क्या लिखें, किस क्रम में

ज़्यादातर हिंदी शादी कार्ड इसी क्रम में लिखे जाते हैं। जो हिस्सा आपके परिवार में नहीं चलता, उसे छोड़ दें।

  1. मंगल वचन (वैकल्पिक): जैसे “॥ श्री गणेशाय नमः ॥” या कुलदेवी का नाम।
  2. आशीर्वाद: दादा-दादी, नाना-नानी जैसे बड़ों के नाम।
  3. शुरुआती भाव: “ईश्वर की कृपा और बड़ों के आशीर्वाद से…”
  4. वर और वधू के नाम, दोनों के माता-पिता और शहर के साथ।
  5. विवाह की तिथि, वार, शुभ मुहूर्त और स्थान।
  6. कार्यक्रमों की सूची: हल्दी, मेहंदी, बारात, फेरे, प्रीतिभोज।
  7. निमंत्रण की पंक्ति: “आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।”
  8. विनीत या निवेदक: बुलाने वाले, आमतौर पर माता-पिता।
  9. स्वागतोत्सुक, दर्शनाभिलाषी और बाल मनुहार।
  10. संपर्क नंबर और आने की सूचना (RSVP) की आख़िरी तारीख।

नामों का क्रम: किसका नाम पहले आए?

जिस परिवार की ओर से कार्ड जा रहा है, उसके बच्चे का नाम पहले आता है। बेटे की शादी के कार्ड में वर का नाम पहले और वधू का नाम बाद में, उसके माता-पिता के नाम के साथ लिखा जाता है। बेटी की शादी के कार्ड में ठीक उल्टा।

दोनों परिवार मिलकर एक ही कार्ड या वेबसाइट भेज रहे हों, तो अक्सर वधू का नाम पहले लिखा जाता है। इसमें कोई एक नियम नहीं है; दोनों परिवार जो तय करें, वही ठीक है।

पूरे नमूने देखें: बेटे की शादी का कार्ड मैटर और बेटी की शादी का कार्ड मैटर।

कार्ड के शब्दों का आसान अर्थ

॥ श्री गणेशाय नमः ॥
कार्ड की पहली पंक्ति, हर शुभ काम से पहले श्री गणेश का स्मरण। यह वैकल्पिक है; कई परिवार अपनी कुलदेवी, “ॐ” या कोई और मंगल वचन लिखते हैं।
चि. (चिरंजीव)
वर के नाम से पहले लगता है। अर्थ है “लंबी आयु वाला”, यानी नाम के साथ ही आशीर्वाद।
सौ.कां. (सौभाग्यकांक्षिणी)
वधू के नाम से पहले लगता है: “सौभाग्य की कामना करने वाली”। “सौ.” (सौभाग्यवती) विवाहित महिला के लिए होता है, इसलिए वधू के नाम के आगे सौ.कां. लिखें। कुछ परिवार “आयु.” (आयुष्मती) भी लिखते हैं।
सुपुत्र / सुपुत्री
माता-पिता का बेटा / बेटी। “पौत्र / पौत्री” यानी बेटे के बच्चे (दादा-दादी की ओर से), “दौहित्र / दौहित्री” यानी बेटी के बच्चे (नाना-नानी की ओर से)।
शुभ विवाह, परिणय, पाणिग्रहण
तीनों का अर्थ विवाह है। “पाणिग्रहण” यानी हाथ थामना; कार्यक्रम सूची में यह फेरों वाले मुख्य संस्कार के लिए लिखा जाता है।
सपरिवार, इष्ट-मित्रों सहित
पूरे परिवार के साथ; दोस्तों और अपनों के साथ। इससे मेहमान को पता चलता है कि पूरा परिवार बुलाया गया है।
प्रीतिभोज
शादी का भोज, यानी प्रेम से कराया गया भोजन।
विनीत / निवेदक
“विनम्रता से बुलाने वाले”। कार्ड भेजने वाले मुख्य लोग, आमतौर पर माता-पिता, इसके नीचे लिखे जाते हैं।
स्वागतोत्सुक
“स्वागत के लिए उत्सुक”: घर के वे सदस्य जो मेहमानों की आगवानी करेंगे, जैसे चाचा-चाची, ताऊ-ताई, मामा-मामी, भाई-भाभी।
दर्शनाभिलाषी
“दर्शन की अभिलाषा रखने वाले”, यानी आपसे मिलने को उत्सुक। अक्सर भाई-बहनों या पूरे परिवार का नाम यहाँ लिखा जाता है।
बाल मनुहार
घर के बच्चों की ओर से लिखी प्यारी-सी ज़िद, जैसे “चाचू की शादी में ज़रूर आना”। कार्ड को घर जैसा अपनापन देती है।
स्व. (स्वर्गीय)
जो बड़े अब नहीं हैं, उनके नाम से पहले, आदर के साथ। आमतौर पर “आशीर्वाद” वाली पंक्ति में।
आर.एस.वी.पी. (RSVP)
मेहमान से आने या न आने की सूचना माँगना। साथ में एक संपर्क नंबर और आख़िरी तारीख लिखें।

1. कार्ड की शुरुआत: मंगल वचन (वैकल्पिक)

कई परिवार कार्ड की सबसे ऊपर वाली पंक्ति में भगवान का नाम या कोई श्लोक लिखते हैं। यह ज़रूरी नहीं है। अपने परिवार की परंपरा के हिसाब से चुनें, या यह पंक्ति छोड़ दें।

  1. 1. गणेश वंदना, सबसे छोटी

    ॥ श्री गणेशाय नमः ॥

    हर शुभ काम की शुरुआत में श्री गणेश का स्मरण करने की परंपरा है। आपके यहाँ कुलदेवी या किसी और देवता का नाम लिखने का रिवाज़ हो तो वही लिखें।

  2. 2. गणेश श्लोक

    वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

    अर्थ: हे विशाल शरीर और टेढ़ी सूँड़ वाले, करोड़ों सूर्यों जैसे तेज वाले देव, मेरे सभी काम बिना विघ्न के पूरे करें। श्लोक की मात्राएँ छपाई से पहले एक बार ज़रूर मिला लें।

  3. 3. हर परिवार के लिए सरल शुरुआत

    ईश्वर की असीम कृपा और बड़ों के आशीर्वाद से

    जब आप किसी एक देवता का नाम नहीं लिखना चाहते, तब यह पंक्ति हर परिवार पर ठीक बैठती है।

2. निमंत्रण की पंक्तियाँ

यह कार्ड का दिल है: मेहमान को किस भाव से बुलाया जा रहा है। एक पंक्ति चुनें और नाम-तिथि वाले हिस्से के ठीक बाद लगाएँ।

  1. 4. पारंपरिक, सबसे ज़्यादा चलने वाली

    इस मंगल अवसर पर आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। पधारकर वर-वधू को अपना शुभाशीर्वाद प्रदान करें।

  2. 5. विनम्र, थोड़ी औपचारिक

    आपकी गरिमामयी उपस्थिति हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी। कृपया इष्ट-मित्रों सहित पधारकर हमें अनुगृहीत करें।

    सही शब्द “अनुगृहीत” है (आभारी), “अनुग्रहीत” नहीं।

  3. 6. अपनापन भरी, आज की भाषा

    हमारे घर खुशियों का यह शुभ अवसर आया है। आप आएँगे तो यह खुशी दोगुनी हो जाएगी।

  4. 7. छोटी और आधुनिक

    दो परिवार, एक नया रिश्ता। इस शुभ घड़ी में आप भी हमारे साथ रहें।

3. कार्यक्रमों की सूची

हर कार्यक्रम एक अलग पंक्ति में, तिथि और समय के साथ लिखें। जो कार्यक्रम आपके यहाँ नहीं होते, उन्हें हटा दें। शुभ मुहूर्त अपने पंडित जी से पूछकर ही लिखें।

  1. 8. पूरा कार्यक्रम

    मांगलिक कार्यक्रम हल्दी: [दिनांक], सुबह [समय] मेहंदी एवं संगीत: [दिनांक], शाम [समय] शुभ विवाह (फेरे): [दिनांक], [मुहूर्त का समय] प्रीतिभोज: [दिनांक], शाम [समय] से स्थान: [स्थान का नाम और पता]

4. आख़िरी हिस्सा: विनीत, स्वागतोत्सुक, दर्शनाभिलाषी, बाल मनुहार

कार्ड के नीचे परिवार के नाम आते हैं। हर शब्द का अर्थ ऊपर समझाया गया है; यहाँ से सीधे कॉपी करें और नाम भरें।

  1. 9. विनीत (बुलाने वाले)

    विनीत: श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम] एवं समस्त [उपनाम] परिवार

  2. 10. स्वागतोत्सुक (स्वागत करने वाले)

    स्वागतोत्सुक: श्रीमती [नाम] एवं श्री [नाम] (चाचा-चाची) [भाई का नाम] एवं [भाभी का नाम] [बहन का नाम] एवं [जीजा का नाम]

  3. 11. दर्शनाभिलाषी (मिलने के इच्छुक)

    दर्शनाभिलाषी: समस्त [उपनाम] परिवार, इष्ट-मित्र एवं शुभचिंतक

  4. 12. बाल मनुहार (बच्चों की ओर से)

    बाल मनुहार: शादी में ज़रूर-ज़रूर आना, वरना हम रूठ जाएँगे! — [नन्हे-मुन्नों के नाम]

  5. 13. उपस्थिति की सूचना (RSVP)

    कृपया अपने आने की सूचना [तारीख] तक अवश्य दें, ताकि हम आपके स्वागत की ठीक से तैयारी कर सकें। संपर्क: [नाम], [मोबाइल नंबर]

  6. 14. उपहार न लाने का विनम्र अनुरोध (वैकल्पिक)

    आपका आशीर्वाद ही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है। कृपया कोई भेंट न लाएँ।

5. एक पूरा कार्ड मैटर (दोनों पक्षों के लिए)

ऊपर के हिस्से जोड़कर बना एक छोटा, पूरा कार्ड। बेटे या बेटी के हिसाब से पूरे नमूने नीचे दिए गए पेजों पर हैं।

  1. 15. सरल पूरा कार्ड

    ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ ईश्वर की कृपा और बड़ों के आशीर्वाद से चि. [वर का नाम] संग सौ.कां. [वधू का नाम] का शुभ विवाह [दिनांक] को [स्थान] में होना निश्चित हुआ है। आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। विनीत: समस्त [उपनाम] परिवार संपर्क: [मोबाइल नंबर]

छपाई या भेजने से पहले: आम गलतियाँ

  • “आशीर्वाद” सही है, “आर्शीवाद” नहीं। “अनुगृहीत” सही है, “अनुग्रहीत” नहीं।
  • वधू के नाम के आगे “सौ.कां.” लिखें, “सौ.” नहीं।
  • तारीख के साथ लिखा वार (दिन) कैलेंडर से एक बार मिला लें।
  • शुभ मुहूर्त का समय अपने पंडित जी से पूछकर ही लिखें।
  • पूरे कार्ड में एक ही संपर्क नंबर रखें, ताकि मेहमान उलझें नहीं।
  • श्लोक या मंत्र लिखें तो उसकी मात्राएँ किसी जानकार से जँचवा लें।

डिजिटल कार्ड या निमंत्रण वेबसाइट पर मैटर

WhatsApp पर भेजे जाने वाले डिजिटल कार्ड या निमंत्रण वेबसाइट पर भी यही मैटर लिखा जाता है। फ़र्क़ बस इतना है कि वहाँ मेहमान एक बार दबाकर मैप खोल सकते हैं, आने की सूचना दे सकते हैं और माँ-पापा की आवाज़ में निमंत्रण सुन सकते हैं। अपने नाम डालकर मैटर बनाने के लिए हमारा मुफ़्त कार्ड मैटर जनरेटर आज़माएँ, या हवेली दरवाज़ा और जानकी विवाह जैसे निमंत्रण डिज़ाइन देखें।

यही मैटर, अपनी निमंत्रण वेबसाइट पर

अपना कार्ड मैटर भेजिए, हम उसे सुंदर डिज़ाइन वाली निमंत्रण वेबसाइट पर लगा देंगे, जिसमें मैप, RSVP और माँ-पापा की आवाज़ भी होगी।

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